ज़ायोनी सेना का दावा है कि इस्राईली नाकाबंदी का शिकार ग़ज्ज़ा से विस्फ़ोटक बैलून लॉन्च किए जाने के जवाब में उसने यह हमले किए हैं।
बुधवार को एक बयान जारी करके ज़ायोनी सेना ने कहा कि उसने हमास के अंडर ग्राउंड सुरक्षा ढांचे और निगरानी चौकियों को निशाना बनाया है।
बयान में कहा गया है कि हमासे के ठिकानों को इस्राईली सेना के लड़ाकू विमानों, हैलिकॉप्टरों और टैंकों ने निशाना बनाया।
तेल-अवीव का दावा है कि ग़ज्ज़ा से आग लगाने वाले बैलून लॉन्च किए जा रहे हैं और केवल मंगलवार को फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधियों द्वारा लॉन्च किए गए बैलून्स से 60 स्थानों पर आग लगी, लेकिन कोई जानी नुक़सान नहीं हुआ।
इस्राईल ने 2007 से ग़ज्ज़ा पट्टी की कड़ी घेराबंदी कर रखी है, जिसके कारण लाखों फ़िलिस्तीनी बहुत ही कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत करने पर मजबूर हैं।
इस्राईली विभिन्न बहानों से ग़ज्ज़ा को निशाना बनाता रहता है, ताकि हमास जैसे फ़िलिस्तीनी सशस्त्र प्रतिरोधी संगठनों को कमज़ोर कर सके।
अभी तक इस्राईली हमलों में होने वाले जानी व माली नुक़सान की विस्तृत जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है।